12 Dec 2008

Dainik Jagran News, 11-12-2008, Muzaffarpur Edition

एक वर्ष में निपटे 20 हजार मामले
तिरहुत क्षेत्र में एक वर्ष के अंदर 20 हजार मामलों का निष्पादन किया गया। इस बारे में डीआईजी अरविंद पांडेय ने पुलिस महानिदेशक को अपने एक वर्ष के कार्यो का लेखा-जोखा भेजा है। इसके पहले एक वर्ष में 13 हजार मामलों का निष्पादन किया गया था। सर्वाधिक भक्ति सभा पर फोकस करते हुए डीआईजी ने कहा है कि उनके कार्यकाल में 175 मामलों का निपटारा इसके जरिए किया गया। श्री पांडेय ने बताया कि क्षेत्रीय कार्यालय की सक्रियता के कारण अभियुक्तों की गिरफ्तारी में भी तिरहुत प्रमंडल के सभी जिले की पुलिस काफी तत्पर हुई। साथ ही भूमि विवाद का थाना से ही निपटारा शुरू होने के कारण दर्ज होने वाले कांडों में भी कमी आयी। उन्होंने इस एक वर्ष के कार्यकाल पर संतोष प्रकट किया। ज्ञात हो कि डीआईजी अरविन्द पांडेय ने चार नवम्बर 07 को तिरहुत क्षेत्र का प्रभार ग्रहण किया था। चार नवम्बर 06 से चार नवम्बर 07 तक क्षेत्र अन्तर्गत मुजफ्फरपुर में 6518, वैशाली में 3162, सीतामढ़ी में 3898 व शिवहर में 202 कुल 13780 मामलों का निष्पादन किया गया था। जबकि श्री पांडेय के कार्यकाल में चार नवम्बर 08 तक मुजफ्फरपुर में 12475, वैशाली 4928 सीतामढ़ी में 2598 व शिवहर में 193 कुल 201894 मामले निष्पादित हुए। पिछले वर्ष 26 विभागीय मामले निष्पादित हुए थे जबकि इस एक वर्ष के दौरान 85 मामले निष्पादित किये गये। श्री पांडेय ने सभी जिलों को विभिन्न मामलों में रिकार्ड पत्र भी निर्गत किया। पूर्व के वर्ष में सामान्य शाखा से 1791 अपराध से 3655 व गोपनीय से 1941 कुल 7387 हजार पत्र निर्गत हुए। जबकि श्री पांडेय के कार्यकाल में एक वर्ष में सामान्य शाखा से 1717, अपराध से 12389 व गोपनीय से 3356 कुल 16462 हजार पत्र निर्गत हुए। पिछले वर्ष मात्र 26 कांडों की समीक्षा की गयी थी जबकि इस वर्ष 95 मामलों की समीक्षा की गयी। श्री पांडेय के कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण व लोकप्रिय बिहार भक्ति सभा में इस दौरान 175 मामलों का निपटारा किया गया। वहीं आवासीय कार्यालय में 892 व समाहरणालय परिसर स्थिति क्षेत्रीय कार्यालय में 4291 कुल 5083 लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना व आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।

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